इबादत शायरी हिंदी में – तेरे पास में बैठना भी

तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत….
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत….

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