नज़र शायरी हिंदी में – एक अजीब सा मंजर नज़र

एक अजीब सा मंजर नज़र आता हैं …
हर एक आँसूं समंदर नज़र आता हैं
कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना ..
हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता है


One comment

Leave a Reply




पढ़िए…कुछ विशेष शायरी कलेक्शन - जिनमें स्पेशल शब्दों को शामिल किया गया है

इन्हे भी पढ़े…..