सुप्रभात शायरी – सुबह शाम तेरी चाहत करूँ

सुबह शाम तेरी चाहत करूँ,
तुझसे ना कभी कोई शिकायत करूँ,
तेरे हसीं लबों पे यूं ही मुस्कान बरक़रार रहे सदा,
मुझमे समाये रहो मेरी धड़कन बनकर,
चाहकर भी तुझको खुद से जुदा ना करूँ ॥
“सुप्रभात”

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