सुप्रभात शायरी हिंदी में – ‘सुबह’ के “फूल खिल” गए ‘पंछी’

‘सुबह’ के “फूल खिल” गए;
‘पंछी’ अपने ‘सफ़र’ पे ‘उड़’ गए;
‘सूरज’ आते ही ‘तारे’ भी ‘छुप’ गए;
क्या आप अपनी “मीठी नींद” से “उठ गए?”
सुप्रभात!

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