Month: August 2017

फासला शायरी हिंदी में – किसे भूल जाएं किसे याद

किसे भूल जाएं किसे याद रखें मुश्किल है फैसला,
दिल और दिमाग के बीच तो बहुत कम है फासला।

शाम शायरी हिंदी में – ये शाम का तस्व्वुर ये

ये शाम का तस्व्वुर, ये मयखाने का बयान…
तुम खुदा न होते तो हम ख़ुद को खुदा समझते….

तुम्हारी याद शायरी हिंदी में – तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है

तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है मेरे दिल मे,
जैसे किसी गरीब ने रकम रक्खी हो तिजोरी में.!!

नींद शायरी हिंदी में – तुम्हें नींद नहीं आती तो

तुम्हें नींद नहीं आती तो कोई और वजह होगी..
अब हर ऐब के लिए कसूरवार इश्क तो नहीं..!!