Month: January 2018

फासला शायरी हिंदी में – कुछ तो मजबूरियां रही होंगी

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूं कोई बेवफा नही होता,
टटोल कर देखो अपने दिल को हर फासला बेवजह नहीं होता….

फासला शायरी हिंदी में – चंद फासला जरूर रखि‍ए हर

चंद फासला जरूर रखि‍ए हर रि‍श्‍ते के दरमियान…
क्योंकि बदलने वाले अक्‍सर बेहद अजीज ही हुआ करते हैं…..!!

शिद्दत शायरी हिंदी में – ख़ुदगर्ज़ बना देती है तलब

ख़ुदगर्ज़ बना देती है तलब की शिद्दत भी,
प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता…

तुम्हारी याद शायरी हिंदी में – बडी गुस्ताख है तुम्हारी याद

बडी गुस्ताख है तुम्हारी याद,
इसे तमीज़ तो सीखा दो,
दस्तक भी नहीं देती,
और दिल मे उतर जाती है

मुद्दत शायरी हिंदी में – खटखटाए न कोई दरवाजा बाद

खटखटाए न कोई दरवाजा, बाद मुद्दत मैं खुद में आया हूँ…
एक ही शख़्स मेरा अपना है, मैं उसी शख़्स से पराया हूँ.