Category: महबूब शायरी

महबूब शायरी हिंदी में – मुस्कुरा मत खुल के तू

मुस्कुरा मत खुल के तू, ‘ मेहबूब ‘ मेरे, मान जा,
‘आइनों’ का शहर है, घर- घर खबर हो जायेगी ||

महबूब शायरी हिंदी में – मेरे मेहबूब की सूरत खुदा

मेरे मेहबूब की सूरत खुदा से मिलती जुलती है।
मोहब्बत भी हो जाती है- इबादत भी हो जाती है।

महबूब शायरी हिंदी में – बारिश के बाद इन हवाओं

बारिश के बाद इन हवाओं का,
यूँ मचल के चलना ….उफ्फ्फ
अपने मेहबूब से मिलकर कोई,
मेहबूबा इतराई हो जैसे ।।।

महबूब शायरी हिंदी में – दर्द का क्या है दर्द

दर्द का क्या है, दर्द भी तो मेहबूब की तरह बेवफा ही है
मिली कोई ख़ुशी ख़ूबसूरत सी, दर्द खुदसे बेवफाई कर लेता है..

महबूब शायरी हिंदी में – गजब की चीज है मेरे

गजब की चीज है मेरे मेहबूब की मुस्कुराहट भी
कमबक्त कातिल भी है और गम की दवा भी !!