मौसम शायरी हिंदी में – कोई मुझ से पूछ बैठा

कोई मुझ से पूछ बैठा ‘बदलना’ किस को कहते हैं?
सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ ? “मौसम” की या “अपनों” की..!!!!!


मौसम शायरी हिंदी में – काश तुझे सर्दी के मौसम

काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मुहब्बत की ठंड,
और तू तड़प कर माँगे मुझे कम्बल की तरह..!


मौसम शायरी हिंदी में – बलखाने दे अपनी जुल्फों को

बलखाने दे अपनी जुल्फों को हवाओं में,
जूड़े बांधकर तू मौसम को परेशां न कर.





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