सफ़र शायरी हिंदी में – वापसी का सफर अब मुमकिन

वापसी का सफर अब मुमकिन नही,
हम तो निकल पड़े आँख से आँसू की तरह!


सफ़र शायरी हिंदी में – थक गये हौसले अब मुझे

थक गये हौसले अब मुझे परवाज़ न दो
फिर से उड़ने को खाली आकाश न दो
ये तनहाई का सफर बहुत तड़पाता है मुझे
यादों के दरीचे से तुम मुझे आवाज न दो

सफ़र शायरी हिंदी में – अब ख़ुशी है न कोई

अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला
इक मुसाफिर के सफर जैसी है सबकी दुनिया..
कोई जल्दी में,कोई देर से जानेवाला ।


सफ़र शायरी हिंदी में – बेशक हिस्सा बराबर है सफर

बेशक हिस्सा बराबर है सफर ए इश्क में अपना..
कुछ हो ना सकी मोहब्बत तुमसे ….कुछ आया नहीं हमको भी .. नफरतें करना….

सफ़र शायरी हिंदी में – हमसे ना कट सकेगा अंधेरो

हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर…
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो…. !!!