हुस्न शायरी हिंदी में – हुस्न का क्या काम सच्ची

हुस्न का क्या काम सच्ची मोहब्बत में,
जब आँख ”मजनू” हो, तो ”लैला ” हसीन ही लगती है …!


हुस्न शायरी हिंदी में – आईने में वो देख रहे

आईने में वो देख रहे थे बहार-ऐ-हुस्न
आया मेरा ख्याल तो शर्मा के रह गये


हुस्न शायरी हिंदी में – कई सदियों में आती है

कई सदियों में आती है कोई सूरत हसीन इतनी
हुस्न पर हर रोज कहाँ ऐसे शबाब आते है
रोशनी के वास्ते तो उनका नूर ही काफी है
उनके दीदार को आफताब और महताब आते है

हुस्न शायरी हिंदी में – लोग समझते हैं के मैं

लोग समझते हैं के मैं तुम्हारे हुस्न पर मरता हूँ..
अगर तुम भी यही समझते हो तो सुनो..
जब हुस्न खो दो तब लौट आना…