Suprabhat Hindi Shayari – फिर उम्मीदों भरी सुबह आई

फिर उम्मीदों भरी सुबह आई है;
सूरज को साथ लाई है;
हमारी दोस्ती का ये असर तो देखो;
कि हवायें भी आपको “गुड मॉर्निंग” कहने आई हैं।
सुप्रभात!

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