Suprabhat Shayari Hindi Font Mein – जाने कब सुबह-सुबह वो रिश्ता

जाने कब सुबह-सुबह वो रिश्ता बन गया;
अनजाना जाने कब अपना बन गया;
हमें एहसास भी न हुआ और;
कोई हमारी सुबह की जरुरत बन गया।
सुप्रभात!

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