इम्तेहान शायरी हिंदी में – अये वक़्त मेरे सब्र का

अये वक़्त मेरे सब्र का इतना इम्तेहान न ले
याद रख
मैंने जो ठोकर मारी तुझे
तो तू कभी लौट के न आ पायेगा

इंकार शायरी हिंदी में – कभी खुलता ही नहीं

कभी खुलता ही नहीं साफ़ कुछ इक़रार इनकार होते है
उनकी हर बात में पहलू दोनों है


उल्फत शायरी हिंदी में – राज़-ए-उल्फत सीने में हम लिए

राज़-ए-उल्फत, सीने में हम, लिए फ़िरते हैं वो,
बयाँ अगर कर दें तो ज़िन्दगी ही संवर जाए


सफ़र शायरी हिंदी में – तेरी यादों की कोई सरहद

तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था
खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है