बिछड़ना शायरी हिंदी में – मोहब्बत नही शायद दिल्लगी रही

मोहब्बत नही, शायद दिल्लगी रही होगी
“वरना” मेरा पल भर का बिछड़ना भी उनके लिए कयामत होता


बिछड़ना शायरी हिंदी में – हँसी खुशी से बिछड़ जा

हँसी खुशी से बिछड़ जा अगर बिछड़ना है
ये हर मुक़ाम पे क्या सोचता हैं आख़िर तू


बिछड़ना शायरी हिंदी में – तेरी आँखों के दरिया का

तेरी आँखों के दरिया का उतारना भी ज़रूरी था,
मुहब्बत भी ज़रूरी थी बिछड़ना भी ज़रूरी था।


बिछड़ना शायरी हिंदी में – आँखों मे आँसु का पता

आँखों मे आँसु का पता न चलता,
दिल को दर्द का एहसास न होता,
कितना हसीं होता ये जिंदगी का सफ़र,
अगर कभी मिलकर बिछड़ना न होता…!