दिल्लगी शायरी हिंदी में – तीर पे तीर खाए जा

तीर पे तीर खाए जा और यार से लौ लगाये जा
आह न कर, लबों को सी..इश्क़ है दिल्लगी नहीं ..!


दिल्लगी शायरी हिंदी में – हमने भी बहुत दिल लगा

हमने भी बहुत दिल लगा कर देख लिया है,
चलो थोड़ी दिल्लगी भी कर ले,

जहां वफ़ा नहीं जीत सकी,
थोड़ी बेवफाई ही आज़मा ले…

दिल्लगी शायरी हिंदी में – कोई दिल की ख़ुशी के

कोई दिल की ख़ुशी के लिए, तो कोई दिल्लगी के लिए.
हर कोई प्यार ढूंढ़ता है यहाँ, अपनी तनहा सी ज़िन्दगी के लिए…!

दिल्लगी शायरी हिंदी में – बेहतर तो है यही की

बेहतर तो है यही की न दुनिया से दिल लगे..
पर क्या करें जो काम न बे-दिल्लगी चले


दिल्लगी शायरी हिंदी में – हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो

हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो में एक दिन,
अभी तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल्लगी करने को….!!