फितरत शायरी हिंदी में – दुश्मन भी दुआ देते हैं

दुश्मन भी दुआ देते हैं मेरी फितरत ऐसी है l
दोस्त भी दगा देते हैं मेरी किस्मत ऐसी है ll


फितरत शायरी हिंदी में – हर कोई रखता है ख़बर

हर कोई रखता है ख़बर ग़ैरों के गुनाहों की
अजब फितरत हैं कोई आइना नहीं रखता।


फितरत शायरी हिंदी में – मेरी फितरत में नहीं हैं

मेरी फितरत में नहीं हैं किसी से नाराज होना,
नाराज वो होतें हैं जिन्हें अपनेआप पर गुरूर होता है।।


फितरत शायरी हिंदी में – सिखा दिया ‘तुने’ मुझे… अपनों

सिखा दिया ‘तुने’ मुझे… अपनों पर भी ‘शक’ करना…
मेरी ‘फितरत’ में तो था… गैरों पर भी ‘भरोसा’ करना….