इबादत शायरी हिंदी में – तेरे पास में बैठना भी

तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत….
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत….


इबादत शायरी हिंदी में – न जाने कौनसे दौर से

न जाने कौनसे दौर से गुजर रहा हूँ,
जिंदगी से नफरत और,
मौत की इबादत कर रहा हूँ


इबादत शायरी हिंदी में – मेरी इबादतों को ऐसे कर

मेरी इबादतों को ऐसे कर कबूल ऐ मेरे खुदा,
के सजदे में मैं झुकूं तो मुझसे जुड़े हर रिश्ते की जिंदगी संवर जाए..!!

इबादत शायरी हिंदी में – खुदा भी हैरान है देखकर

खुदा भी हैरान है देखकर इबादत मेरी,
कहता है की मैं पाँच वक्त और वो हर वक्त ??