मजबूर शायरी हिंदी में – इंसान जब दिल के हाथो

इंसान जब दिल के हाथो मजबूर होता है,
तो झूठे प्यार पर भी बडा गुरुर होता है.


मजबूर शायरी हिंदी में – कुछ डरी सहमी ठिठकी और

कुछ डरी सहमी ठिठकी और आगे बढ़ गई..
मजबूर थी क्या करती…गैरत मेरी,
जरूरतों को तलाशने बेशर्मी की हद से गुजर गई.

मजबूर शायरी हिंदी में – कितने मज़बूर हैँ हम तकदीर

कितने मज़बूर हैँ हम तकदीर के हाथो
ना तुम्हेँ पाने की औकात रखतेँ हैँ
और ना तुम्हेँ खोने का हौसला.!!


मजबूर शायरी हिंदी में – मेरी तमन्ना न थी तेरे

मेरी तमन्ना न थी, तेरे बगैर रहने की लेकिन,
मजबूर को, मजबूर की, मजबूरीयां, मजबूर कर देती है.


मजबूर शायरी हिंदी में – हम अपने पर गुरुर नहीं

हम अपने पर गुरुर नहीं करते,
याद करने के लिए किसी को मजबूर नहीं करते.
मगर जब एक बार किसी को दोस्त बना ले,
तो उससे अपने दिल से दूर नहीं करते.