तनहा शायरी हिंदी में – तेरे होने पर खुद को

तेरे होने पर खुद को तनहा समझू !
मैं बेवफा हूँ या तुझको बेवफा समझू !!
ज़ख्म भी देते हो मलहम भी लगाते हो !
ये तेरी आदत हैं या इसे तेरी अदा समझू!!

तनहा शायरी हिंदी में – ऑंख से ऑंख मिलाता है

ऑंख से ऑंख मिलाता है कोई,
दिल को खिंच लिये जाता है कोई,
बहुत हैरत है के भरी महफ़िल में,
मुझ को तनहा नज़र आता है कोई।

तनहा शायरी हिंदी में – सहारा लेना ही पड़ता है

सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का
मैं एक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता


तनहा शायरी हिंदी में – चाँद तो तनहा ही है…

चाँद तो तनहा ही है…
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तारो की भीड़ तो बस आसमान के लिए है…


तनहा शायरी हिंदी में – तनहा सा हो गया है

तनहा सा हो गया है, मेरा कमरा आजकल,,,,,
एक पंखा बोला करता था, पर अब सर्दियाँ आ गयी है…. !!