Zakhm Shayari Hindi Font Mein – Kaun Sa Zakhm Tha Jo Taza Na Tha

कौनसा ज़ख़्म था जो ताज़ा ना था,
इतना गम मिलेगा अंदाज़ा ना था,
आप की झील सी आँखों का क्या कसूर,
डूबने वाले को ही गहराई का अंदाज़ा ना था.


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